Tuesday, 28 August 2012

UPTET / Shiksha Mitra : नौकरी पड़ सकती है खटाई में

रोहित मिश्र, लखनऊ शासन के आदेश के अनुसार भले ही स्नातक शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित करके शिक्षक पद पर तैनात करने की तैयारी हो रही हो, लेकिन सर्विस लॉ के मुताबिक शिक्षामित्र रहने के दौरान नियुक्त अध्यापकों की नौकरी पर हमेशा तलवार लटकती रहेगी। सेवा मामलों के जानकारों के मुताबिक भी नियुक्ति तर्कसंगत नहीं होगी। सर्व शिक्षा अभियान के मानकों के मुताबिक अध्यापकों की कमी पूरी करने के लिए सरकार ने शिक्षामित्रों को अध्यापकों के रूप में तैनात करने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्नातक शिक्षामित्रों को ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रशिक्षण के बाद टीईटी (टीचर्स इलेजिबिलिटी टेस्ट) उत्तीर्ण करके वे शिक्षकों के रूप में नियुक्त होंगे। इसमें उन शिक्षामित्रों को भी शामिल किया जा रहा है, जिन्होंने शिक्षामित्र रहने के दौरान रेगुलर स्नातक किया है। 

सेवा नियमों के जानकार और वरिष्ठ अधिवक्ता अखिलेश कालरा के मुताबिक पूर्णकालिक नौकरी में यदि किसी ने छुट्टी नहीं ली है तो उस सेवा के दौरान की डिग्रियां मान्य नहीं हो सकतीं। इस लिहाज से शिक्षकों की नियुक्ति को हमेशा कोर्ट में चैलेंज किया जा सकता है और दूसरे पक्ष के पास बचाव का कोई रास्ता नहीं होगा। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) की प्राचार्य ललिता प्रदीप का कहना है कि शासनादेश के मुताबिक हमको दोनों को एकसाथ प्रशिक्षित करना है। सेवा नियमों पर टिप्पणी करने का मुझे कोई अधिकार नहीं है। एक और शिक्षा अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि सेवा नियमों के मुताबिक दोनों एक साथ मान्य नहीं हो सकते। या तो डिग्री सही होगी अथवा नियुक्ति। ऐसे में इनकी नियुक्ति पर हमेशा तलवार लटकती रहेगी और किसी भी समय, कोर्ट में इनकी नियुक्ति पर अंगुलियां उठ सकती हैं



News Source : Jagran (28.8.12)

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