Friday, 31 August 2012

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली फिर संशोधित

 हाईस्कूल, इंटरमीडिएट व स्नातक के अंकों के आधार पर जिला स्तर पर तैयार की जाएगी मेरिट
 
टीईटी अब सिर्फ पात्रता परीक्षा
जाब्यू, लखनऊ : तीन दशक से ज्यादा पुरानी उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली को फिर संशोधित कर दिया गया है। नियमावली में संशोधन के साथ ही शिक्षकों की भर्ती का आधार अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की मेरिट के बजाय हाईस्कूल, इंटरमीडिएट व स्नातक के अंकों के आधार पर जिला स्तर पर तैयार की जाने वाली मेरिट हो गया है। बीते दिनों कैबिनेट के निर्णय के अनुसार शुक्रवार को बेसिक शिक्षा विभाग ने संशोधित नियमावली जारी कर दी। ऐसे में अब शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अनिवार्य पात्रता परीक्षा के रूप में टीईटी के साथ ही अब केंद्र सरकार की केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) को भी मान्यता मिल गई है। संशोधन से सीटीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी राज्य में शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन कर सकता है। परिषदीय जूनियर हाईस्कूलों में विज्ञान और गणित शिक्षकों के 50 फीसदी पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता भी साफ हो गया है। शेष 50 फीसदी पद प्रोन्नति से भरे जाएंगे। पहले शिक्षकों के सभी पद प्रोन्नति से ही भरने की व्यवस्था थी। नियमावली संशोधित होने से परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के अंतर जनपदीय तबादलों की पुरानी व्यवस्था भी बहाल हो गई है। अब शिक्षकों की नियुक्ति की न्यूनतम आयु 21 वर्ष भी हो गई है।
अध्यापक भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने का आदेश : सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 72,825 सहायक अध्यापकों की भर्ती की प्रक्रिया को निरस्त करने के आदेश दिए हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव से कहा गया है कि वह भर्ती संबंधी विज्ञापन रद कर दें। भर्ती प्रक्रिया निरस्त होने के साथ ही सभी आवेदकों को आवेदन फार्म के एवज में जमा की गई धनराशि की वापसी की जाएगी।
Source- Jagran
1-9-2012

72,825 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने के आदेश

लखनऊ : सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 72,825 सहायक अध्यापकों की भर्ती की प्रक्रिया को निरस्त करने के आदेश दिए हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव से कहा गया है कि वह भर्ती संबंधी विज्ञापन रद कर दें। भर्ती प्रक्रिया निरस्त होने के साथ ही सभी आवेदकों को आवेदन फार्म के एवज में जमा की गई धनराशि की वापसी की जाएगी।

 जागरण ब्यूरो, लखनऊ : तीन दशक से ज्यादा पुरानी उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली को फिर संशोधित कर दिया गया है। नियमावली में संशोधन के साथ ही शिक्षकों की भर्ती का आधार अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की मेरिट के बजाय हाईस्कूल, इंटरमीडिएट व स्नातक के अंकों के आधार पर जिला स्तर पर तैयार की जाने वाली मेरिट हो गया है। बीते दिनों कैबिनेट के निर्णय के अनुसार शुक्रवार को बेसिक शिक्षा विभाग ने संशोधित नियमावली जारी कर दी। ऐसे में अब शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अनिवार्य पात्रता परीक्षा के रूप में टीईटी के साथ ही अब केंद्र सरकार की केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) को भी मान्यता मिल गई है। संशोधन से सीटीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी राज्य में शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन कर सकता है।


Source- Jagran
1-9-2012

UPTET : Relaxation for B Ed candidates to Recruit as PRT upto 2014 ( Granted by Union HRD Minister Kapil Sibbal )




Hindstan Epaper - Delhi ( Pagen no. 8, Date - 30.08.2012)

Tuesday, 28 August 2012

Good News to  TET pass candidates that 50% Upper Primary Teacher jobs in UP filled through Direct Recruitment, And approx 30,000 vacancies are more (1/2 of 58668 + Some Retirements) .
A big question - When will these vacancies are to be filled ?

May be all matter of Primary Teacher recruitment will be decided in Next hearing of Highcourt on 3rd Sept. 2012. 

However it is NOT clear about 15th amendment Base for selection - B.Ed marks included OR not.
And details will be published when available. 

i request to all reader in my blog please give the comment for your thought and if u have any related news so please give me in my in my email ID- singhsuneelkumar755@gmail.com.  

UPTET : शिक्षकों की भर्ती शैक्षिक मेरिट से


UPTET : शिक्षकों की भर्ती शैक्षिक मेरिट से
सीटीईटी पास करने वाले भी पात्र, अंतरजनपदीय तबादले के लिए भ्ाी बदल गई व्यवस्था

लखनऊ। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली 2012 को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय के मुताबिक टीईटी को पात्रता परीक्षा मानते हुए शिक्षकों की भर्ती में शैक्षिक मेरिट से की जाएगी। भर्ती के लिए यूपी के साथ केंद्रीय बोर्ड से टीईटी पास करने वाले भी पात्र होंगे। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण के संबंध में वर्तमान व्यवस्था में भी संशोधन कर दिया गया है। माया सरकार द्वारा नियमावली में सेवाकाल में केवल एक बार अंतरजनपदीय स्थानांतरण पाने की व्यवस्था को समाप्त करते हुए जरूरत के आधार पर तबादला लेने की व्यवस्था कर दी गई है। साथ ही उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान गणित के शिक्षकों की 50 फीसदी पदों पर सीधी भर्ती होगी और 50 फीसदी पद पदोन्नति से भरे जाएंगे। शिक्षकों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दिया गया है।
बेसिक शिक्षा परिषद के एक लाख 60 हजार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। प्राथमिक स्कूलों में 1 लाख, 99 हजार, 571 पद और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 58 हजार 668 पद खाली है उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (अध्यापक) सेवा नियमावली के आधार पर शिक्षकों की भर्ती एवं पदोन्नति की जाती है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद शिक्षकों की भर्ती को टीईटी पास अनिवार्य हो गया है। यूपी में नवंबर 2011 में टीईटी के आयोजन के साथ शिक्षकों की भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (अध्यापक) सेवा नियमावली में भी 15वां संशोधन कर दिया गया। इसमें भर्ती टीईटी मेरिट के आधार पर करने का प्रावधान कर दिया गया। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने टीईटी को केवल पात्रता परीक्षा माना है, इसलिए अखिलेश सरकार ने टीईटी को पात्रता परीक्षा मानने का निर्णय किया।
इसके आधार पर उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (अध्यापक) सेवा नियमावली को संशोधित करते हुए शिक्षकों की भर्ती शैक्षणिक योग्यता के आधार पर प्रमुखता देने की व्यवस्था कर दी गई है


News Source : Amar Ujala (29.8.12)